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भारतीय संस्कृति के अनुसार कैसे मनाएं जन्मदिन

भारतीय संस्कृति के अनुसार कैसे मनाएं जन्मदिन :-   प्रेम कुमार आर्य 9304366018 आजकल प्रायः देखने में आता है की लोग आधुनिकता और पश्चिमी सभ्यता में इतने खो गए की उन्हें यह पता ही नही की क्या ग़लत है और क्या सही.पश्चिमी सभ्यता के प्रभाव में हम अपनी संस्कृति, सभ्यता एवं मनोबल को इतना अधिक गिरा चुके हैं की उन्हें उठने में न जाने कितने युग बीत जायें कहा नहीं जा सकता। प्रायः जन्मदिन बड़े ख़ुशी से मानते है खैर मनाना भी चाहिए लेकिन मोमबत्ती जलाकर उसे फूंक मार कर बुझा देते है,केक को काट कर खिलाते है , उस रात्रि में जागरण के बदले प्रायः लोग मौज-मस्ती के साथ शराब और तामसिक भोजन करते है ये कहाँ का नियम है , इसलिए भारतीय पद्धति से जन्मदिन मनाये और अपने प्रियजनों को दीर्घायु बनाये ..हमें इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए की विधाता ने जितनी आयु निर्धारित कर रखी है , धीरे -धीरे उसकी अवधि समाप्त हो रही है , इसलिए अपने धर्म का पालन और उसकी रक्षा करे क्या करे जन्मदिन वाली तिथि पर ध्यान देने योग्य बाते :- 1. जन्मदिन दिनांक के आधार पर मानते है तिथि के अनुसार नहीं, तिथि अनुसार जन्मदिन मनाने से उस दिन हमा...

गर्भाधान संस्कार

गर्भाधान संस्कार   हिन्दू   धर्म   संस्कारों   में   गर्भाधान — संस्कार   प्रथम   संस्कार   है।   यहीं   से   बालक   का   निर्माण   होता   है।   गृहस्थाश्रम   में   प्रवेश   करने   के   पश्चात्   दम्पति - युगल   को   पुत्र   उत्पन्न   करने   के   लिए   मान्यता   दी   गयी   है।   इसलिये   शास्त्र   में   कहा   गया   है   कि  -  उत्तम   संतान   प्राप्त   करने   के   लिए   सबसे   पहले   गर्भाधान - संस्कार   करना   होता   है।   पितृ - ऋण   उऋण   होने   के   लिए   ही   संतान - उत्पादनार्थ   यह   संस्कार   किया   जाता   है।   इस   संस्कार   से   बीज   तथा   गर्भ   से   सम्बन्धित   मलिनता   आदि   दोष   दूर ...