सफलता और असफलता की पहचान क्या है
"सफलता और असफलता की पहचान क्या है? 'हृदय से सम्मान मिलना,' सफलता की पहचान है। और 'दिखावे का सम्मान मिलना,' असफलता की।" प्रतिदिन लोग एक दूसरे से मिलते हैं। परस्पर व्यवहार करते हैं। नमस्ते स्वागत सम्मान आदि करते हैं। "एक दूसरे को उपहार/ गिफ्ट आदि देकर भी अनेक प्रकार से सम्मानित करते हैं, और एक दूसरे को अपने अनुकूल बनाने का प्रयास करते हैं।" यह जो एक दूसरे को सम्मान दिया जाता है। यह सम्मान दो प्रकार का होता है। एक तो - "वास्तविक (असली) सम्मान अर्थात निर्भय होकर श्रद्धा पूर्वक हृदय से किया गया सम्मान।" और दूसरा - "सिर्फ दिखावे का सम्मान, या नकली सम्मान।" "वास्तविक सम्मान में, सम्मान कर्ता के हृदय में, सम्माननीय व्यक्ति के प्रति श्रद्धा होती है, प्रेम होता है, समर्पण होता है, सद्भावना होती है, विश्वास होता है। उसके चेहरे पर वास्तविक प्रसन्नता होती है।" "नकली सम्मान में अर्थात जो सम्मान करने का दिखावा किया जाता है उसमें, हृदय में कोई प्रेम, श्रद्धा, सद्भावना, समर्पण, विश्वास आदि...